किसानों का दिल्ली कूच, सरकार घुटने टेकने को हो रही मजबूर

मंडी डबवाली, दिल्ली के टिकरी बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए किसान यूनियन उग्राहा ने पंजाब के किसानों को 27 दिसंबर 2020 को टिकरी बार्डर पर पहुंचने का आह्वान किया था, उक्त आह्वान पर हजारों की संख्या में पंजाब के किसानो ने रविवार को भटिंडा जिले के गांव डूमवाली में एकत्रित होकर पंजाब हरियाणा के बार्डर डूमवाली-डबवाली के रास्ते दोपहर 1 बजे के बाद बसों, कारों व ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्रालियों मे लोगों के सवार होने के अलावा राशन व लकडियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुरादाबाद व कृषि से संबंधित तीनों काले को वापस लेने के अलावा किसान मजदूर ऐकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए दिल्ली की ओर कूच किया।
उक्त किसानों का टोल प्लाजा खुईयां मलकाना में स्वागत किया गया व किसानों को लंगर खिलाने के अलावा गर्मागर्म चाए भी पिलाई गई, इसके बाद उक्त किसानों को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। याद रहे कि पंजाब के अलावा डबवाली से दिल्ली जाने वाले नेशनल हाईवे 9 पर हरियाणा के पहले टोल प्लाजा खुईयां मलकाना में टोल फ्री करने की मुहिम हरियाणा किसान एकता के बैनर तले शुरू की गई थी। इसके चलते टोल कंपनी के लिए एनएचएआई डबवाली कोर्ट में चली गई थी। डबवाली न्यायालय ने पुलिस प्रशासन को टोल के 500 मीटर में किसानों की दखलंदाजी रोकने के आदेश जारी कर दिए। इसके चलते किसान 28 अक्टूबर 2020 से टोल के पास धरने पर बैठे हैं, जबकि टोल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल हर समय तैनात रहता है।
गौरतलब है कि उक्त किसानों के लिए लंगर व चाए की व्यवस्था करने के लिए एक दिन पहले शनिवार को ही तैयारी मुकम्मल कर ली गई थी।
काबिले जिक्र है कि इस बार हरियाणा प्रशासन द्वारा भी किसानों को दिल्ली जाने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा किसानों को दिल्ली जाने से रोकने का प्रयास न करने से लगने लगा है कि सरकार ने किसानों के आंदोलन के आगे घुटने टेकने शुरू कर दिए हैं, जिसका परिणाम आने वाले समय में शीघ्र ही मिल सकता है।

